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26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड तहव्‍वुर हुसैन राणा अमेरिका में गिरफ्तार

News18Hindi Updated: June 20, 2020, 8: 23 AM IST

26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड तहव्‍वुर हुसैन राणा अमेरिका में गिरफ्तार, भारत भेजने की संभावना

26/11 मुंबई हमले का मास्टरमाइंड तहव्‍वुर हुसैन राणा अमेरिका में गिरफ्तार (फाइल फोटो)

आतंकवादी तहव्‍वुर राणा को मुम्बई 26/11 हमले की साजिश रचने के मामले में 2009 में गिरफ्तार किया गया था. लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों की ओर से किए गए हमले में अमेरिकी नागरिकों सहित करीब 166 लोगों की जान गई थी.

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    June 20, 2020, 8: 23 AM IST

    लॉस एंज‍िल‍िस. मुंबई में साल 2008 में हुए आतंकवादी हमले की साजिश के मामले में अमेरिका में सजा काट चुके आतंकवादी तहव्वुर राणा (Tahawwur Rana) को एक बार फिर से गिरफ्तार कर लिया गया है. राणा को इस बार अमेरिका के लॉस एंज‍िल‍िस शहर से अरेस्‍ट (Arrest) किया गया है और भारत भेजे जाने की प्रबल संभावना है. दरअसल, मुंबई आतंकी हमले में वांछित पाकिस्‍तानी-कनाडाई मूल के तहव्‍वुर राणा के खिलाफ भारत प्रत्‍यर्पित करने का मामला लंबित है.

    जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले ही आतंकवादी तहव्वुर राणा को जेल से रिहा किया गया था लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने उसे दोबारा अरेस्‍ट कर लिया है. बताया जा रहा है कि भारत सरकार ट्रंप प्रशासन के पूरे सहयोग के साथ पाकिस्तानी कैनेडियाई नागरिक के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है. राणा की जेल की सजा 14 साल की दिसम्बर 2021 में पूरी होने वाली थी लेकिन उसे जल्‍द ही रिहा कर दिया गया था.

    साल 2009 में किया था गिरफ्तार


    उल्लेखनीय है कि तहव्‍वुर राणा को मुम्बई 26/11 हमले की साजिश रचने के मामले में 2009 में गिरफ्तार किया गया था. लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों की ओर से किए गए हमले में अमेरिकी नागरिकों सहित करीब 166 लोगों की जान गई थी. पुलिस ने नौ आतंकवादियों को मौके पर मार गिराया था और जिंदा गिरफ्तार किए गए आतंकवादी अजमल कसाब को बाद में फांसी दी गई थी. राणा को 2013 में 14 साल की सजा सुनाई गई थी.26/11 आतंकी हमले में 160 लोगों की हुई थी मौत

    बता दें कि 26 नवंबर 2008 को आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल सहित 6 जगहों पर हमला कर दिया था. हमले में करीब 160 लोगों ने अपनी जान गंवाई. सबसे ज्यादा लोग छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में मारे गए. जबकि ताजमहल होटल में 31 लोगों को आतंकियों ने अपना शिकार बनाया.

    मुंबई ATS चीफ हेमंत करकरे हुए थे शहीद, खाना छोड़कर आतंकियों से लिया था लोहा


    26 नवंबर 2008 को लगभग 60 घंटों तक सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में करीब 160 लोगों की जानें गईं. लेकिन इस अचानक हुए हमले को भी हमारे देश के वीरों ने काबू में कर लिया. ऐसे ही एक वीर थे तत्कालीन एटीएस (ATS) चीफ हेमंत करकरे. जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए आतंकियों का सामना किया और लोगों को बचाते हुए शहीद हो गए. करकरे अपने घर पर रात 9.45 बजे खाना खा रहे थे. इस दौरान छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर आतंकी हमले की खबर उन्हें फोन से मिली. उन्होंने टीवी देखा तो उन्हें समझ आ गया कि यह मामला गंभीर है. वे उसी समय अपने ड्राइवर और बॉडीगार्ड के साथ सीएसटी के लिए रवाना हो गए. वहां पहुंचने के बाद वे आतंकियों को खोजने के लिए स्टेशन पहुंचे लेकिन वहां पर कोई नहीं था. इसके बाद वे कामा हॉस्पिटल की तरफ बढ़े. इस दौरान सेंट जेवियर्स कॉलेज के पास एक पतली गली में आतंकियों ने एके-47 से उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें हेमंत करकरे सहित अन्य पुलिसकर्मी भी शहीद हो गए. करकरे की वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया.

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    First published: June 20, 2020, 8: 23 AM IST

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